Daily Current Affairs ( डेली करंट अफेयर्स )17 November 2018


Daily Current AffairsDaily Current Affairs 2018 जो आने वाली प्रतियोगी परीक्षाओ के लिए काफी महत्वपूर्ण है, प्रत्येक एग्जाम में 5-8 प्रश्न इस भाग से जरुर पूछे जाते है
Daily latest current affairs (करंट अफेयर्स ) 2018 in Hindi covering all hindi topics, current GK in hindi and notes, it is recommended for hindi medium preparation of exams like IAS, RAS, LAB ASSISTANT,  SSC, IBPS, Railways etc.
हमारा प्रयास है की आपको प्रत्येक माह सबसे पहले करंट अफेयर्स उपलब्ध करवाया जाये इसके लिए हम पूरी तरहा से तैयार है

जीएसएटी-29 उपग्रह 

● भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 14 नवंबर, 2018 को संचार उपग्रह जीएसएटी-29 (GSAT-29) का सफल प्रक्षेपण किया।

● इसरो ने इस उपग्रह को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट जीएसएलवी-एमके3-डी2 के ज़रिये लॉन्च किया।
● ISRO के अनुसार, इस संचार उपग्रह का उद्देश्य नई और महत्त्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के लिये टेस्ट बेड(परीक्षण के लिये उपकरणों से सुसज्जित एक जगह) के रूप में कार्य करना है।
● क्यू-बैंड और का-बैंड (Ku-band and Ka-band) पेलोड के माध्यम से देश के दूरदराज़ के क्षेत्रों, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्व में लोगों की संचार आवश्यकताओं को पूरा किये जाने की उम्मीद है।




इंद्र-2018 

● संयुक्‍त राष्‍ट्र के तत्‍वावधान में उग्रवाद से निपटने के लिये भारत और रूस के बीच संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास इंद्र-2018 बबीना छावनी (झांसी) स्‍थित बबीना फील्‍ड फायरिंग रेंज में 18 नवंबर, 2018 को शुरू होगा।

● इस अभ्‍यास में रूसी संघ की पाँचवी बटालियन और भारत की इंफैंट्री बटालियन हिस्‍सा लेगी।
● यह अभ्‍यास 11 दिनों तक चलेगा।

● सैन्‍य अभ्‍यास संयुक्‍त राष्‍ट्र तत्‍वावधान में दोनों देशों की फौजों की क्षमता बढ़ाना है, ताकि शांति स्‍थापना और संयुक्‍त रणनीतिक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ सके।

● सैन्‍य अभ्‍यास का विषय दोनों देशों के लिये महत्त्वपूर्ण समकालीन सैन्‍य एवं सुरक्षा मुद्दे हैं।

भारतीय पवन टरबाइन प्रमाणीकरण योजना 
(Indian Wind Turbine Certification Scheme-IWTCS)

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राष्‍ट्रीय पवन ऊर्जा संस्‍थान, चेन्‍नई के परामर्श से भारतीय पवन टरबाइन प्रमाणीकरण योजना (IWTCS) नाम की नई योजना का प्रारूप तैयार किया है।

● इस प्रारूप में टरबाइन प्रमाणीकरण योजना के विभिन्‍न दिशा-निर्देशों को शामिल किया गया है।
● IWTCS प्रासंगिक राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय मानकों (IS/IEC/IEEE), केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा जारी तकनीकी विनियमों तथा

आवश्‍यकताओं, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों तथा अन्‍य अंतर्राष्‍ट्रीय दिशा-निर्देशों का संकलन है।
● प्रारूप में पवन ऊर्जा परियोजनाओं की गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने के लिये अन्‍य देशों के विशिष्‍ट श्रेष्‍ठ व्‍यवहारों को शामिल करने का प्रयास किया गया है।
● प्रारूप योजना में अवधारणा से लेकर पवन टरबाइन के जीवन से जुडे सभी हितधारकों के लाभ के लिये दिशा-निर्देश हैं।
● इनमें भारतीय किस्‍म का स्‍वीकृत मॉडल (Indian Type Approved Model- ITAM), भारतीय प्रकार की प्रमाणीकरण योजना (Indian Type Certification Scheme- ITCS), पवन कृषि परियोजना प्रमाणीकरण योजना

(Wind Farm Project Certification Scheme- WFPCS) तथा पवन टरबाइन सुरक्षा और कार्य प्रदर्शन प्रमाणीकरण योजना (Wind Turbine Safety & Performance Certification Scheme-WTSPCS) शामिल हैं।  

● पवन ऊर्जा पिछले कई दशकों से भारत में नवीकरणीय विद्युत उत्‍पादन का मुख्‍य स्रोत हो गई है।
● पवन ऊर्जा क्षेत्र के विकास में विभिन्‍न कार्य और सुरक्षा मानकों के साथ तरह-तरह के पवन टरबाइन देखने को मिले हैं।
● नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने विभिन्‍न नीतियों और योजनाओं के माध्‍यम से पवन ऊर्जा क्षेत्र के विकास में सहायता दी है।
● मंत्रालय द्वारा भारत में प्रमाणीकरण योजनाओं की मान्‍यता के लिये जारी दिशा-निर्देश भारत में स्‍थापित गुणवत्‍ता संपन्‍न पवन टरबाइन की सफलता के लिये आवश्‍यक था।
● मान्‍यता प्राप्‍त योजनाओं की सफलता से पवन टरबाइन को मॉडलों तथा निर्माताओं की संशोधित सूची में स्‍थान मिला है।
भारतीय पवन टरबाइन प्रमाणीकरण योजना (Indian Wind Turbine Certification Schem

निष्कर्ष 



● पवन ऊर्जा परियोजनाओं की गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने के लिये एक ऐसे विस्‍तृत दस्‍तावेज की जरूरत है,
● जिसमें हितधारकों यानी OEM, स्‍वतंत्र बिजली उत्‍पादकों, पवन कृषि डेवलपरों, वित्‍तीय संस्‍थानों आदि द्वारा सुरक्षित और विश्‍वसनीय संचालन के लिये पवन टरबाइन द्वारा संकलित संपूर्ण तकनीकी आवश्‍यकताओं का प्रावधान हो।

भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2018 

● 14 नवंबर को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (india International Trade Fair- ITTF) 2018 शुरू हुआ।

● भारत व्यापार संवर्द्धन संगठन (India Trade Promotion Organization- ITPO) द्वारा आयोजित यह महत्त्वपूर्ण व्यापार मेला 14 से 27 नवंबर, 2018 तक चलेगा।

● इस बार भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का साझीदार देश अफगानिस्तान और फोकस देश नेपाल है। झारखण्ड इस मेले का फोकस राज्य है।

● राज्यों, सरकारी विभागों, भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के लगभग 800 प्रतिभागी इस व्यापार मेले में भाग ले रहे हैं।
● इनमें बड़ी संख्या में ग्रामीण दस्तकार, शिल्पकार और SMEs उद्यमी शामिल हैं।

● मेले में भाग लेने के लिये अफगानिस्तान, चीन, हॉन्गकॉन्ग, kirgizstaan, ईरान, म्याँमार, नेपाल, नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, थाइलैंड, तुर्की, ट्यूनीशिया, वियतनाम और संयुक्त अरब अमीरात ने पंजीकरण कराया है।

● इस अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा ‘हुनर हाट’ का का भी आयोजन किया जा रहा है।
★ उल्लेखनीय है कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा दस्तकारों, शिल्पकारों को मौका-मार्किट मुहैया कराने के मिशन के तहत देश के विभिन्न भागों में आयोजित ‘हुनर हाट’ की श्रृंखला में यह ‘हुनर हाट’ आयोजित किया जा रहा है।

बाहुबली ने अंतरिक्ष में पहुंचाया सबसे भारी सैटेलाइट 

● भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) की सफलता गाथा में एक और अध्याय जुड़ गया है।
● 14 नवम्बर 2018 को इसरो ने बाहुबली कहे जाने वाले अपने सबसे भारी रॉकेट जीएसएलवी- एमके3- डी2की मदद से देश के सबसे भारी और उन्नत संचार उपग्रह जीसैट-29 को कक्षा में स्थापित किया। यह उपग्रह पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर के दूरस्थ इलाकों में इंटरनेट व अन्य संचार सुविधाएं मुहैया कराने में मददगार होगा। 
● इसरो के वैज्ञानिकों ने इस अभियान को इसलिए भी अहम माना है क्योंकि भारत के महत्वाकांक्षी चंद्रयान-2 और मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियानों में इस रॉकेट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
● जनवरी 2019 में भेजा जाने वाला चंद्रयान इस रॉकेट का पहला ऑपरेशनल अभियान होगा।



● जीसैट-29 सैटेलाइट पर एक नजर
● 3,423 किलोग्राम वजन के साथ यह भारत का सबसे भारी सैटेलाइट है
● यह पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर के दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट व संचार सुविधाएं पहुंचाने में मददगार होगा
● वैज्ञानिकों ने इसे केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के लिए अहम बताया है
● 10 साल के मिशन पर भेजे गए इस सैटेलाइट की सफलता से नई टेक्नोलॉजी का रास्ता खुलेगा
● इसके जरिये इसरो पहली बार लेजर आधारित ऑप्टिकल कम्युनिकेशन सिस्टम का परीक्षण कर रहा है

बाहुबली का बल 

● जीएसएलवी-एमके3 इसरो द्वारा तैयार सबसे भारी रॉकेट है
● 43.4 मीटर ऊंचे इस रॉकेट का वजन करीब 640 टन है
● यह 4,000 किलो तक का पेलोड लेकर जाने में सक्षम
● इसी तरह के रॉकेट से पांच जून 2017 को जीसैट-19 सैटेलाइट भेजा गया था

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